भारत में सड़क का महत्त्वपूर्ण एवं राज्य | Importance of Roads in India and State

Importance of Roads in India and State

Importance of Roads in India and State
Importance of Roads in India and State

सड़क मार्ग परिवहन के साधनों में सबसे प्रारम्भिक और महत्त्वपूर्ण साधन है। इसका निर्माण करना अत्यन्त सरल और सस्ता है। सड़क मार्ग द्वारा कच्चा माल खेत से कारखानों तक और कारखानों से बनी वस्तुओं को बाजार तक तथा बाजार की वस्तुओं को उपभोक्ताओं के घर तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है। सड़कों का निर्माण किसी भी प्रकार की भूमि पर आसानी से किया जा सकता है। वर्ष 2020-21 में भारत का सड़क नेटवर्क 6,215,797 लाख किमी से भी अधिक है. जिसके कारण इसे विश्व का सबसे बड़ा नेटवर्क होने का गौरव प्राप्त है। भारत में 1,51,000 किमी लम्बे राष्ट्रीय राजमार्ग हैं। Importance of Roads in India and State

सडक मार्ग का महत्त्व

सड़कों के महत्त्व को निम्न तथ्यों द्वारा स्पष्ट किया जा सकता है-

  1. सड़क मार्गों का निर्माण रेलमागों की अपेक्षा सस्ता पड़ता है और इसके रख-रखाव पर व्यय भी कम होता है।
  2. सड़को का निर्माण पर्वतीय, पठारी, मैदानी, मरुस्थलीय, ऊँची-नीच- ढालू किसी भी प्रकार की भूमि के धरातल पर किया जा सकता है।
  3. सड़कों से व्यक्ति अपने गन्तव्य तक आसानी से पहुँच जाता है, जबकि रेल व्यक्ति को स्टेशन पर ही छोड़ती है।
  4. सड़कों से उत्पादित माल उपभोक्ताओं के घर तक पहुंचाया जाता है. जबकि रेलमार्ग से वस्तुएँ स्टेशनों पर ही उतार दी जाती हैं जिसे बाद में सड़क मार्ग द्वारा ही बाजार तक भेजा जाता है।
  5. सड़क मार्ग पर चलने वाले वाहनों का उपयोग अपनी इच्छानुसार किया जा सकता है, जबकि रेलमार्ग पर रेलों का संचालन नियत समय और स्थान द्वारा ही होता है जिसके लिए यात्रियों को सतर्क रहना पड़ता है। Importance of Roads in India and State
  6. सड़क द्वारा कम दूरी आसानी से शीघ्र तय हो जाती है।
  7. शीघ्र खराब होने वाली वस्तुएँ जैसे-अण्डा, दूध, मांस, फल, सब्जी, पनीर को बाजार तक पहुंचाने में सड़क मार्ग अधिक सुविधाजनक होते हैं।
  1. रेलों द्वारा ढोये गये माल को उच्च पर्वतीय और दुर्गम भागों तक पहुंचाने में सड़कों का अपना अलग ही महत्त्व होता है। जैसे-नैनीताल में रेलमार्ग केवल काठगोदाम तक ही है। इसके आते माल को सड़क द्वारा ही पहुंचाया जाता है। Importance of Roads in India and State

संरचना के आधार पर सड़कें दो प्रकार की होती हैं

1.कच्ची सड़कें, 2.पक्की सड़कें।

कच्ची सड़कें :- भारत की 68.8% जनसंख्या गाँवों में रहती। इसलिए भारत को गाँवों का देश कहा जाता है। शहर और गाँव को जोड़न कार्य कच्ची सड़के ही करती हैं। देश के पहाड़ी भागो, जंगल और मरुस्थलले भागों में पक्की सड़कें बनाना कठिन कार्य है, इसलिए इन भागों में कच्ची सहा ही आवागमन का मुख्य साधन हैं। भारत के गाँवों में आज भी खेत में उत्परि फसलों को बाजार तक ले जाने और बाजार से अपनी आवश्यक वस्तुओं क लाने का कार्य कच्ची सड़कों द्वारा ही होता है। Importance of Roads in India and State

ये सड़कें ही गाँवों को नगरों ओ राजमागों से जोड़ती हैं। भारत में आज बैलगाड़ियों द्वारा 90 करोड़ टनम प्रतिवर्ष ढोया जाता है। ये सड़कें ही ग्रामीण लोगों को शहरी लोगों के सम्पर्क: आने और शहरी संस्कृति को समझने में मुख्य भूमिका निभाती हैं।

इन सड़कों क निर्माण-कार्य ग्राम पंचायत और जिला परिषद् द्वारा किया जाता है। सामुदायिक विकास खण्ड भी विकास कार्यों को ग्रामीण क्षेत्रों में सम्पन्न कराने की एव महत्त्वपूर्ण संस्था है जिसके द्वारा सड़क मागों के निर्माण का कार्य होता है। कार के बदले अनाज योजना ने भी सड़क मार्गों के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी है। Importance of Roads in India and State

पक्की सड़कें :- परिवहन साधनों में पक्की सड़कों का विशेष महत्तव है। देश के आर्थिक विकास में इन सड़को का विशेष योगदान है। पक्की सड़ते कोलतार तथा पत्थर की रोड़ी से बनी होती हैं। अब पक्की सड़कों का नि कंकरीट और सीमेण्ट से होता है।

सड़को का वगीकरण

सन् 1943 में नागपुर में आयोजित सम्मेलन में प्रबन्ध की दृष्टि से सड़कों को निम्न भागों में बाँटा गया-

राष्ट्रीय राजमार्ग :- इनका राष्ट्रीय महत्त्व होता है। ये प्रदेशों को राजधानियों. महानगरों और बन्दरगाहों से जोड़ती हैं। भारत में 2020-21 में इस काह की सड़कों की कुल लम्बाई 1,51,000 किमी है। इन सड़कों के रख-रखाव की जिम्मेदारी सरकार की होती है।

चतुर्भुज सड़क परियोजना के अन्तर्गत भारत के चार बड़े नगरों-मुम्बई, कोलकाता, दिल्ली तथा चेन्नई को जोड़ा गया है जिसकी लम्बाई 5846 किमी है।

प्रान्तीय राजमार्ग :- राज्य के प्रमुख नगरों को आपस में जोड़ने का कार्य प्रान्तीय राजमार्ग का है। भारत में इसकी कुल लम्बाई 1,86,528 लाख किमी है।

सीमावर्ती सड़कें :- इस तरह की सड़कों का निर्माण देश के सीमावर्ती भागों में किया जाता है। इनका निर्माण सीमावर्ती सड़क विकास संगठन द्वारा किया जाता है। यह संगठन 1960 में बनाया गया जिसका कार्य उत्तर तथा उनरी-पूर्वी क्षेत्रों में सामरिक महत्त्व की सड़कों का विकास करना था। Importance of Roads in India and State

जिला सड़कें :- ये प्रत्येक जिले की सड़कें हैं जो जिले के नगरों से होती हुई प्रान्तीय और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ जाती है। इनका रख-रखाव जिला बोर्ड द्वारा होता है। इसकी लम्बाई 6,32.154 किमी है।

ग्रामीण सड़कें :- ये सड़कें गाँवों को समीप के कस्बों और नगरों से जोड़ती हैं। मार्च, 2020-21 में इनकी कुल लम्बाई 45,35,511 किमी से अधिक थी।

पंचवर्षीय योजनाओं के अन्तर्गत सड़कों के विकास पर बल दिया गया। 1950-51 में 4.0 लाख किमी लम्बी सड़कें थीं जिनमें 2.43 लाख किमी कच्ची, शेष पक्की सड़कें थी। विकिपीडिया के अनुसार, इस समय देश में 228 राष्ट्रीय राजमार्ग हैं। Importance of Roads in India and State

भारत की प्रमुख सड़कें

  1. ग्राण्ड ट्रक रोड (शेरशाह सूरी मार्ग)- यह भारत की सबसे प्राचीन सड़क है जिसे शेरशाह सूरी ने बनवाया था। यह सड़क कोलकाता से पेशावर तक जाती है। इसकी एक शाखा जालन्धर से श्रीनगर तक जाती है। इस पर आसनसोल, धनबाद, सासाराम, वाराणसी, इलाहाबाद, कानपुर, करनाल, लुधियाना जालन्धर जिले पड़ते हैं।
  2. कोलकाता-मुम्बई राजमार्ग- यह राजमार्ग कोलकाता से शुरू होकर खड़गपुर सम्मलपुर, रायपुर, नागपुर होते हुए धुलिया के निकट आगरा-मुम्बई राजमार्ग से जुड़ जाता है।
  3. कोलकाता-चेन्नई राजमार्ग- यह राजमार्ग कोलकाता से खड़गपुर सम्भलपुर, विजयवाड़ा तथा गन्दूर होता हुआ चेन्नई को जाता है।
  4. मुम्बई-चेन्नई राजमार्ग- यह मार्ग मुम्बई, पुणे, बंगलुरु होते हुए चेन्नई तक जाता है।
  5. आगरा-मुम्बई राजमार्ग- यह मार्ग आगरा, ग्वालियर, इन्दौर, पुलिया, नासिक और मुम्बई को आपस में जोड़ता है।
  6. वाराणसी-कन्याकुमारी राजमार्ग- इसे ग्रेट दकन रोड भी कहा जाता है। इससे वाराणसी, मिर्जापुर, नागपुर, हैदराबाद, बंगलुरु, मदुरई और कन्याकुमारी नगर जुड़े हैं। नागपुर के पास यह कोलकाता-मुम्बई राजमार्ग से मिल जाता है।
  7. दिल्ली-मुम्बई राजमार्ग- यह राष्ट्रीय राजमार्ग है। इस सड़क से दिल्ली, जयपुर, अजमेर, उदयपुर, अहमदाबाद, सूरत और मुम्बई नगर जुड़ते हैं।
दिल्ली-मुम्बई राजमार्ग
दिल्ली-मुम्बई राजमार्ग
  1. पठानकोट-जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग-यह मार्ग भारत-पाक सीमा के समीप से गुजरता है। जम्मू को श्रीनगर से जोड़ने वाला यह एकमात्र राजमार्ग है।
  2. लखनऊ-बरौनी मार्ग- यह राजमार्ग लखनऊ से गोरखपुर मुजफ्फरपुर होते हुए बरौनी तक गया है। इसकी एक शाखा मुजफ्फरपुर से नेपाल की सीमा को जोड़ती है।
  3. असम तथा असम ट्रंक राजमार्ग- यह राजमार्ग ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी तटीय क्षेत्र में नदी के समानान्तर गया है जो म्यांमार की सीमा से जुड़ा है।
  1. दिल्ली-लखनऊ राजमार्ग- यह राजमार्ग लखनऊ से बरेली, मुरादाबाद, हापुड़, गाजियाबाद होते हुए दिल्ली तक चला गया है।
  2. अहमदाबाद-कांदला राजमार्ग- यह राजमार्ग अहमदाबाद को कच्छ की खाड़ी में स्थित कांदला पत्तन से जोड़ता है।

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